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बिजली विभाग में खुला खेल — सरकारी खजाने पर सीधा डाका

On: January 16, 2026 5:55 AM
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एक डिमांड, दो बार हाई टेंशन लाइन शिफ्ट!

रामगंजमंडी।विद्युत विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी अब किसी से छिपी नहीं रही। गुंदी गांव में पेट्रोल पंप के पास एक ही डिमांड राशि से दो बार हाई टेंशन लाइन शिफ्ट कर देना, न सिर्फ नियमों की धज्जियाँ उड़ाना है, बल्कि सरकारी राजस्व पर खुला हमला है।इसकी बानगी ज़ब देखने को मिली जब एक डिमांड राशि के बाद दो बार हाई टेंशन विद्युत्त लाईन में छेड़छाड़ की गईं. एक बार पैसा, दो बार खेल!जानकारी के अनुसार व्यवसायी जयप्रकाश अहीर ने दिनांक 20 मई 2025 को ₹1,56,779 की डिमांड राशि विद्युत विभाग में जमा कराई। इस राशि पर विभाग ने हाई टेंशन लाइन का टावर खड़ा कर पेट्रोल पंप को कनेक्शन दे दिया।लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि 7 जनवरी 2026 को उसी दोबारा नया टावर अन्य स्थान पर खड़ा किया गया. जबकि इसके लिए नई डिमांड अनिवार्य थी।विद्युत नियमों के तहत हाई टेंशन लाइन में किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए अधीक्षण अभियंता कार्यालय की लिखित अनुमति, स्वीकृत नक्शा और तकनीकी मंजूरी आवश्यक होती है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इन सभी प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर नियमविरुद्ध कार्य कराया गया।यह सवाल अब पूरे इलाके में गूंज रहा है किस अफसर के इशारे पर हाई टेंशन लाइन से छेड़छाड़ की गई? बिना अनुमति टावर लगाने की इजाजत किसने दी?विभाग को हुई आर्थिक हानि की भरपाई कौन करेगा?7 जनवरी को टावर कार्य के नाम पर फतेहपुर गुंदी से रावली गांव तक घंटों बिजली बंद रही, जिससे ग्रामीण, व्यापारी और फैक्ट्रियां अंधेरे में डूबी रहीं।अफसरों की मनमानी का खामियाजा आम जनता ने भुगता।एक ही डिमांड राशि से दो बार कार्य कराना सीधे-सीधे वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। यह मामला उच्चस्तरीय जांच, निलंबन और आपराधिक कार्रवाई की मांग करता है।अब सवाल यह नहीं कि गलती हुई या नहीं सवाल यह है कि कार्रवाई कब होगी? इस संबंध में सहायक अभियंता ज्वालाप्रसाद वर्मा का कहना कि इस कार्य का डिमांड मई माह में जमा हुआ था, वहीं कार्य अब किया जा रहा है.

VIJAY SAMDARSHI

हैलो दोस्तों मेरा नाम विजय समदर्शी है मैं करीब पांच वर्षो से पत्रकारिता कर रहा हूँ. और इस वेबसाइट पोर्टल पर मैं आपको सटीक खबरें देने व दैनिक जीवन में काम आने वाली खबरों को प्रकाशित करता हूँ,जो आपके काम आ सके l

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1 thought on “बिजली विभाग में खुला खेल — सरकारी खजाने पर सीधा डाका”

  1. मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
    कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
    नाम – रवि खवसे
    शहर – मुलताई
    जिला – बैतूल
    राज्य – मध्यप्रदेश

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