Indor: में साहू परिवार को असहनीय दुख 10 साल के इंतजार के बाद पैदा हुए बच्चे की मौत ना दूध में पानी मिलाते ना बच्चे की जान जाती.एक छोटी सी गलती ने लील ली खुशियां
Indor में जहरीला पानी
यह धटना MP के इंदौर शहर की है जहाँ पानी में प्रदूषण के कारण कई लोगों की जान लेली है. इस घटना में एक नवजात शिशु की भी जान चली गई.कई सालों की मन्नतों के बाद पैदा हुए एक बच्चे की मौत से पुरे भागीरथपुरा इलाके के मराठी मोहल्ले की एक गली में सन्नाटा पसरा हुआ था, जहाँ छह महीने का अव्यान साहू अपने परिवार के साथ रहता था। उन्है क्या पता था की पैकेज्ड दूध में पानी मिलाने की एक छोटी सी गलती से मेरे बच्चे की जान चली जागेगी. आज पूरा परिवार सहीत पुरा मौहल्ला शोक में डुबो हुआ हैै. परिवार के अनुसार, अव्यान की मौत 29 दिसंबर, 2025 को हुई थी। उन्होंने कहा,‘‘मेरी बेटी ने 10 साल की प्रार्थनाओं और इन्तजार के बाद अव्यान को जन्म दिया था।‘‘‘‘वह कुछ दिन पहले तक अपनी माँ की गोद में खेलता था। और एक दिन,उसे अचानक दस्त होने लगे डॉक्टर को दिखाया और डॉक्टर की सलाह पर हमने घर पर ही दवाइयाँ शुरू कर दीं। उसकी हालत में कोई सुधार नही हुआ और तबीयत बिगड़ती गई और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया,‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘माँ का दूध कम बनता था इस कारण, बच्चे को नगर निगम के नल के पानी में मिला हुआ पैकेज्ड दूध और दूध पाउडर दिया जाता था।‘‘
परिवार ने मुआवजा लेने से किया इंकार: परिवार जनो का कहना है की कई सालो से इनको बच्चा नही हो रहा था करीब 10 सालो तक ईलाज कई देवी-देवताओं से प्रार्थनाओं और मन्नतें की तब जाकर घर मे खुशियाँ आई सभी बहुत खुश थे एक ही पल में सारी खुशियाँ ही छीन गई . अब सरकार बच्चे की मौत पर सरकार 2 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा कर रही उसे लेने से क्या हमारा बच्चा तो वापस नही आ जाऐगा.
स्थानिय लोगांे का कहना है पिछले एक साल में भागीरथपुरा में दूषित पीने के पानी से उल्टी-दस्त फैलने के कारण 15 लोगों की मौत चुकी है, जिनमें मरने वालो में Avyan सबसे छोटा है । वही स्वास्थ्य विभाग के द्वारा इस बीमारी से केवल चार मौतें हुई हैं. और दावे की पुष्टि नहीं करते.
पड़ोसी अनीता सेन ने कहा, ‘‘मेरे घर में भी छोटे – छोटे बच्चे है जिसमे एक महीने की बच्ची, एक चार साल का बच्चा और एक 10 साल की लड़की है। अब तो मुझे भी डर लगने लगा है .अब सरकार को यह विश्वास दिलाना चाहिए कि दूषित पानी की वजह से किसी भी मौत नही होगी ।‘‘ पीडित ने आरोप लगाया कि Indor में जहरीला पानी था जिसके चलते बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुआ। पिछले कुछ दिनों में भागीरथपुरा में 1,400 से ज्यादा लोग उल्टी और दस्त से ग्रसित हुए हैं।
अव्यान की दादी, कृष्णा साहू ने रोते कहा, ‘‘हमने अभी तक सरकार से हमने कोई मुआवजा नहीं लिया है और लेकर भी क्या कर लेगें जब हमारा बच्चा चला गया। क्या मुआवजा देने से वह वापस जिंदा हो जाऐगा ? पैसा बच्चे से बड़ा नहीं होता साहब।‘‘
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार,इलाके के अस्पतालों में 272 मरीजों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से 71 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। बताया गया है कि फिलहाल अस्पताल में भर्ती कम से कम 32 मरीजों का फिलहाल इलाज चल रहा है।










