अभी-अभी जो नई अपडेट आई है उससे सहारा इंडिया में निवेश करने वालों के लिए एक खुशी की खबर है वहीं Sahara India Refund देना शुरू कर दिया है.सहारा इंडिया में अपनी मेहनत की कमाई लगाने वाले निवेशकों के लिए साल 2026 उम्मीदों की नई किरण लेकर आया है.लंबे समय के कानूनी दांव-पेंच और इंतज़ार के बाद,अब रिफंड की प्रक्रिया जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी है. हालिया रिपोर्ट्स और पोर्टल अपडेट्स के अनुसार, सरकार ने रिफंड की गति बढ़ाते हुए 21 प्रमुख जिलों को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान प्रक्रिया में शामिल किया है. 17 फरवरी 2026 से इस अभियान के तहत लाखों लोगों के बैंक खातों में पैसा पहुंचना शुरू हो गया है.
इस लेख में हम गहराई से समझाने की पूरी कोशिश की है वहीं इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है, किन- किन जिलों को इसमें शामिल किया गया है, और आप अपना नाम रिफंड लिस्ट में कैसे देख सकते हैं।
Sahara India Refund प्रक्रिया का नया चरण: क्या है पूरी खबर?
सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) द्वारा संचालित CRCS Sahara Refund Portal ने भुगतान की सीमा और सत्यापन प्रक्रिया को और सरल बनाया है.जहां पर जाकर आप अपने भुगतान की स्थित को देख सकते हैं.
- भुगतान की शुरुआत: 17 फरवरी 2026 से बड़े पैमाने पर उन निवेशकों को भुगतान किया जा रहा है जिनका डेटा पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो चुका है।
- राशि की सीमा: शुरुआत में 10,000 रुपये तक की राशि दी जा रही थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 50,000 रुपये और कुछ विशेष मामलों में इससे अधिक की दावेदारी वाले निवेशकों को भी भुगतान की श्रेणी में रखा गया है।
- पुनः सबमिशन (Resubmission): जिन निवेशकों के फॉर्म में पहले कमियां (Deficiencies) पाई गई थीं, उनके लिए पोर्टल फिर से खोला गया है ताकि वे सुधार करके अपना पैसा वापस पा सकें।
21 जिलों की भुगतान सूची: आपका जिला शामिल है.
खबरों के अनुसार, शुरुआती चरण में उन 21 जिलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए Sahara India Refund किया गया है. जहाँ निवेशकों की संख्या सबसे अधिक है और जहाँ सत्यापन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है.हालाँकि आधिकारिक तौर पर जिलों के नाम समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं, लेकिन इन राज्यों के प्रमुख जिलों में प्रक्रिया काफी तेज़ है उनकी सूची इस प्रकार है.
- बिहार राज्य से पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर को शामिल किया गया
- उत्तर प्रदेश राज्य से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज को
- मध्य प्रदेश राज्य से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर को
- राजस्थान राज्य से जयपुर, जोधपुर।
- झारखंड राज्य से रांची, धनबाद को ओर अन्य से दिल्ली एनसीआर, कोलकाता, मुंबई और अहमदाबाद के कुछ क्षेत्रों को शामिल किया गया हैं.
नोट: यदि आपके जिले का नाम इस लिस्ट में अभी नहीं है, तो घबराएं नहीं। रिफंड की प्रक्रिया चरणबद्ध (Phased manner) है, जिसका मतलब है कि धीरे-धीरे सभी जिलों के पात्र निवेशकों को भुगतान किया जाएगा। ओर जल्द आने की संभवाना है.
2026 में अपना नाम कैसे चेक करें?
Sahara India Refund लिस्ट 2026 में अपना स्टेटस देखने के लिए आपको किसी बिचौलिए की ज़रूरत नहीं है। आप घर बैठे ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले CRCS-Sahara Refund Portal पर लॉगिन करें
- जमाकर्ता लॉगिन (Depositor Login): अपने आधार नंबर के अंतिम 4 अंक और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- OTP सत्यापन: आपके मोबाइल पर आए OTP को भरें।
- स्टेटस चेक करें: लॉगिन करने के बाद आपको अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति दिखेगी।अगर वहां ‘Settled’ या ‘Claim Processed’ लिखा है, तो इसका मतलब है कि पैसा जल्द ही आपके बैंक खाते में आएगा।अगर ‘Pending’ है, तो अभी सत्यापन चल रहा है। अगर ‘Under Process’ है, तो बैंक ट्रांसफर की प्रक्रिया में है। पैसा कब और कैसे आएगा? सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पैसा सीधे आपके उसी बैंक खाते में जाए जो आपके आधार (Aadhaar) से लिंक है। इसे DBT (Direct Benefit Transfer) प्रक्रिया कहा जाता है.जिससे आपको अपना पैसा पाने में आसानी हो.
- महत्वपूर्ण बात : पहले आप यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार कार्ड लिंक (‘Aadhaar Seeded’ ) है या नहीं । अगर खाता आधार से लिंक नहीं है, तो रिफंड की प्रक्रिया अटक सकती है।समय सीमा: सत्यापन पूरा होने के 45 दिनों के भीतर भुगतान करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक्सपर्ट की राय: आवेदन करते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है या आपका आवेदन रिजेक्ट हो गया है, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है.
- दस्तावेजों की स्पष्टता: सहारा की रसीदें और बॉन्ड पेपर की फोटो एकदम साफ अपलोड करें। धुंधली फोटो रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण बन सकती है।
- दावे की राशि: अपने सभी बॉन्ड या रसीदों का दावा एक साथ एक ही फॉर्म में करें। अलग-अलग फॉर्म भरने पर सिस्टम इसे स्वीकार नहीं करेगा।
- नाम में अंतर: अगर आपके आधार कार्ड और सहारा के बॉन्ड में नाम की स्पेलिंग अलग है, तो आपको एक हलफनामा (Affidavit) तैयार रखना पड़ सकता है. ताकि देर सबेर आपके काम आ सके.
Disclaimer: यह आर्टिकल इंटरनेट पर उपलब्ध वर्तमान जानकारियों और समाचारों के आधार पर तैयार किया गया है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक सरकारी पोर्टल (https://www.google.com/search?q=https://mocrefund.crcs.gov.in/) पर दी गई जानकारी को ही अंतिम मानें।










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