धन्य है ? झालावाड़ का विकास ।एक लाख भी खर्च नहीं हुए ,पांच लाख उठा लिए।
झालरापाटन यह सौ फिसदी सच है की पंचायत समिति में विकास अधिकारी महेश मीणा पुर्व प्रधान के कहने से लगाया गया है। सूना पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर मीणा की कार्यशैली से नाराज़ हैं, लेकिन झालावाड़ रियासत में उनकी चवन्नी खोटी हो जाती है।
सवा लाख का शौचालय
फिर उच्च अफ़सर क्लास मेट हो सोने में सुहागा जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। खैर बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी, झालावाड़ का बिगडा कहीं न कहीं तो ए सी बी का शिकार होता ही है।बात कर झालरापाटन की तितर वासा ग्राम पंचायत के तितर वासा ग्राम की जहां के राज्य उच्च माध्यमिक विद्यालय में बने शौचालय की जिसकी लागत करीब सवा लाख रुपए की है जिसे ग्राम पंचायत ने बनवाया है लेकिन वहां जागरूक अध्यापको के कारण मुश्किल से पांच पच्चीस हजार रुपए का घोटाला हुआ होगा। लेकिन भ्रष्टाचार की बानकी देखें इसी पंचायत के श्योपुर गांव के राजकिय उच्च प्राथमिक विद्यालय में इसी ग्राम विकास अधिकारी जो भ्रष्टाचार में पुरी तरह लिप्त है उसने ऐसे ही शोचालय का निर्माण में पांच लाख रुपए का भुगतान किया है याने चार लाख रुपए सीधे राजकोष को भ्रष्टाचार में झोंक दिया है।
पांच लाख का शौचालय जिस पर छत भी नहीं है
चार लाख के गवन में कौन-कौन दोषी है यह तो जांच का विषय है किन्तु सवाल यह उठता है जेटीए ने इस कार्य की एम बी भरी होगी। फंड टाईट अनटाइट का है सरपंच तो एक साधारण महिला है।उसे तो यह भी पता नहीं है कि ग्राम पंचायत में क्या क्या कार्य हुए हैं। क्योंकि पंचायत तो भाजपा के नेता का पुत्र चला रहा है। ग्राम विकास अधिकारी चन्द्र सिंह झाला जिसके पास नियमविरुद्ध चार चार पंचायतें हैं लेकिन कर्जदारों के कारण झालावाड़ में छुप कर बैठा रहता है। तो क्या झालावाड़ जिले में भ्रष्टाचार की गंगा को रोकने में विधायक सांसद रूकने में असहाय महसूस कर रहे हैं या भ्रष्टाचार करने वालों को खुला समर्थन देकर उन्हें विशेष रूप से नवाजा जा रहा है। जैसे मनीष चादवाड को जिला उपाध्यक्ष, प्रधान को महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष बनाने नहीं तो जिला प्रमुख की चर्चा है। ऐसे में जनता में रोष है परिस्थितियां कब बदल जाए कहां नहीं जाता है। कहते जनता में जब रोष उत्पन्न होता है तो सिंहासन खा जाती है।










3 thoughts on “पांच लाख का शौचालय, यात्रा के स्थान पर अवलोकन होना चाहिए।”